देवा हो देवा गणपति देवा लिरिक्स in Hindi | Deva Ho Deva Ganpati Deva Lyrics in Hindi

देवा हो देवा गणपति देवा लिरिक्स in Hindi | Deva Ho Deva Ganpati Deva Lyrics in Hindi

​देवा हो देवा, गणपति देवा,

तुमसे बढ़कर कौन,

स्वामी तुमसे बढ़कर कौन।

और तुम्हारे भक्तजनों में,

हमसे बढ़कर कौन,

हमसे बढ़कर कौन।।

अद्भुत रूप ये काया भारी,

महिमा बड़ी है दर्शन की,

प्रभु महिमा बड़ी है दर्शन की।

बिन मांगे पूरी हो जाए,

जो भी इच्छा हो मन की

प्रभु जो भी इच्छा हो मन की।

गणपति बाप्पा मोरया,

मंगल मूर्ती मोरया।

देवा हो देवा, गणपति देवा,

तुमसे बढ़कर कौन

स्वामी तुमसे बढ़कर कौन

और तुम्हारे भक्तजनों में,

हमसे बढ़कर कौन।।

छोटी सी आशा लाया हूँ,

छोटे से मन में दाता,

इस छोटे से मन में दाता,

माँगने सब आते हैं,

पहले सच्चा भक्त ही है पाता,

सच्चा भक्त ही है पाता।

देवा हो देवा, गणपति देवा।।

गणपति बाप्पा मोरया,

मंगल मूर्ती मोरया।

भक्तों की इस भीड़ में,

ऐसे बगुला भगत भी मिलते हैं,

हाँ बगुला भगत भी मिलते हैं,

भेस बदल कर के भक्तों का,

जो भगवान को छलते हैं,

अरे जो भगवान को छलते हैं,

देवा हो देवा, गणपति देवा,

तुमसे बढ़कर कौन

स्वामी तुमसे बढ़कर कौन।।

गणपति बाप्पा मोरया,

मंगल मूर्ती मोरया।

एक डाल के फूलों का भी,

अलग अलग है भाग्य रहा,

प्रभु अलग अलग है भाग्य रहा,

दिल में रखना दर्द उसीका,

मत भूल विधाता जाग रहा,

मत भूल विधाता जाग रहा,

देवा हो देवा, गणपति देवा,

तुमसे बढ़कर कौन

स्वामी तुमसे बढ़कर कौन।।

गणपति बाप्पा मोरया,

मंगल मूर्ती मोरया।

Deva Ho Deva Ganpati Deva Lyrics in English

Ganpati Bappa Morya

Mangal Murti Morya

Ganpati Bappa Morya

Mangal Murti Morya

Morya Re Bappa Morya Re

Morya Re Bappa Morya Re

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Aur Tumhaare Bhaktjano Mein

Hamse Badhkar Kaun

Hamse Badhkar Kaun

Adbhut Roop Ye Kaya Bhari

Mahima Badi Hai Darshan Ki

Prabhu Mahima Badi Hai Darshan Ki

Bin Maange Puri Ho Jaaye

Jo Bhi Ichcha Ho Man Ki

Prabhu Jo Bhi Ichcha Ho Man Ki

Ganpati Bappa Morya

Mangal Murti Morya

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Aur Tumhaare Bhaktjano Mein

Hamse Badhkar Kaun

Haan Hamse Badhkar Kaun

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Chhoti Si Aasha Laya Hun

Chhote Se Man Mein Data

Iss Chhote Se Man Mein Data

Maangne Sab Aate Hain Pahle

Sachcha Bhakt Hi Hai Pata

Prabhu Sachcha Bhakt Hi Hai Pata

Ho… Sachcha Bhakt Hi Hai Pata

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Ganpati Bappa Morya

Mangal Murti Morya

Bhakton Ki Iss Bheed Mein

Aise Bagula Bhagat Bhi Milte Hai

Haan Bagula Bhagat Bhi Milte Hai

Bhes Badal Kar Ke Bhakto Ka

Jo Bhagwan Ko Chhalte Hain

Are Jo Bhagwan Ko Chhalte Hai

O… Jo Bhagwan Ko Chhalte Hain

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Ganpati Bappa Morya

Mangal Murti Morya

Ek Dal Ke Phulon Ka Bhi

Alag Alag Hai Bhagya Raha

Prabhu Alag Alag Hai Bhagya Raha

Dil Me Rakhna Dard Usi Ka

Mat Bhul Vidhata Jaag Raha

Mat Bhul Vidhata Jaag Raha

O… Mat Bhul Vidhata Jaag Raha

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Ganpati Bappa Morya

Mangal Murti Morya

Hey Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

Deva Ho Deva Ganpati Deva

Tumse Badhkar Kaun

Swami Tumse Badhkar Kaun

देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द

देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” एक प्रभावशाली और सुरीला ध्यान है जो हिंदू देवता गणेश के भक्तों के मन में गहरी अर्थपूर्णता और महत्व रखता है। इस पवित्र ध्यान का रूपांतरण गीत के माध्यम से जीवन में भगवान गणेश की आशीर्वाद और दिव्य सामर्थ्य को प्रकट करने में मदद करता है।

अर्थ:

देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का अनुवाद हो सकता है हे प्रभु, गणेश, दिव्य”। प्रत्येक शब्द में गहरा प्रतीकात्मकता और भगवान गणेश के प्रति सम्मान है, जो अविघ्न हटाने वाले, ज्ञान और समृद्धि का प्रदाता कहलाते हैं। इन शब्दों को दिल से और समर्पण भाव से जपने से हम भगवान गणेश के साथ एक आध्यात्मिक संबंध स्थापित करते हैं और उनकी दिव्य आशीर्वाद का अनुरोध करते हैं।

लाभ:

  1. अविघ्न हटाना: यह ध्यान हमारे जीवन में आ रुकावट और चुनौतियों को हटाने में भगवान गणेश के हस्तक्षेप को जागृत करता है। इन शब्दों का जप करके हम उनकी दिव्य सहायता की अपेक्षा कर सकते हैं, जिससे हमें मुश्किलों को पार करने में सफलता मिलती है।
  2. ज्ञान और ज्ञान: भगवान गणेश ज्ञान, बुद्धि और अध्ययन के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। इन शब्दों को जपने से हम उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन को प्राप्त करते हैं, जिससे हमारी बुद्धिमत्ता को बढ़ाते हैं और गहरी अनुभूति प्राप्त करते हैं।
  3. सकारात्मक ऊर्जा और सुख: इन शब्दों के जप से सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनता है। ध्यान द्वारा उत्पन्न होने वाली ध्वनियां माहौल को शुद्ध करती हैं, नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करती हैं और आस-पास की शांति और समयोग को लाती हैं।
  4. समृद्धि और संपदा: भगवान गणेश को धन और संपदा के भंडारण का भी देवता माना जाता है। इन शब्दों के जप से हम अभिप्रेत संपत्ति और समृद्धि को अपने जीवन में आकर्षित कर सकते हैं, धार्मिक और सामरिक दोनों मामलों में।
  5. आत्मा की शक्ति और आत्मविश्वास: इस ध्यान से आत्मा में एकांत, साहस और आत्मविश्वास की भावना उत्पन्न होती है। इसकी मदद से हम आत्मसंशय, भय और अविश्वास को दूर करते हैं और अपनी आवश्यकताओं का सामना साहसपूर्वक और दृढ़ता से कर सकते हैं।

क्यों कहें इसे?

  1. भक्ति और संबंध: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जाप एक तरीका है भक्ति की व्यक्ति करने का और भगवान गणेश के साथ एक गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने का। यह हमें उनकी दिव्य उपस्थिति का याद दिलाता है और हम अपनी चिंताओं को समर्पित कर सकते हैं, उनकी दिव्य मार्गदर्शन और आशीर्वाद की तलाश कर सकते हैं।
  2. आशीर्वाद की तलाश: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जाप करके हम भगवान गणेश के आशीर्वाद और कृपा की तलाश करते हैं। हम उनकी अद्वितीय प्राधिकरण को स्वीकार करते हैं और अपने जीवन में बाधाएं हटाने, सफलता प्राप्त करने और एक पूर्ण जीवन जीने के लिए उनकी सहायता मांगते हैं।
  3. सकारात्मकता की संवर्धना: ध्यान हमें सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण को पोषित करने में मदद करता है। यह हमें याद दिलाता है भगवान गणेश की दिव्य गुणों पर केंद्रित होने के लिए, जैसे की ज्ञान, कृपा और दया, जिन्हें हम अपने जीवन में प्रगट करने का प्रयास कर सकते हैं।
  4. दिव्य हस्तक्षेप का आमंत्रण: भगवान गणेश को हमेशा रोकथाम व बाधाओं का निवारण करने वाला माना जाता है। देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जप हमें उनके दिव्य हस्तक्षेप के लिए आमंत्रित करता है, जो हमारे जीवन में सुगम मार्ग और अनुकूल परिणाम सुनिश्चित करता है।
  5. आध्यात्मिक संबंध की स्थापना: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जप हमें भगवान गणेश के साथ एक आध्यात्मिक संबंध स्थापित करने में मदद करता है। इससे हम अपने जीवन को उनके दिव्य आस्था और मार्गदर्शन के साथ भर देते हैं और उनके उत्कृष्टता का सामर्थ्य प्राप्त करते हैं।

कब कहें इसे?

  1. उत्सवों में: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जप विशेषकर भगवान गणेश के उत्सवों में आदिकाल से प्रचलित है। इन अवसरों पर इस ध्यान को जपने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और उत्साही भक्ति रूपी ऊर्जा स्थापित होती है।
  2. प्रातः और सायं: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जप सुबह और शाम को भी जारी रखा जा सकता है। इन वक्तों पर इस ध्यान को जपने से हम अपने दिन को एक सकारात्मक और धार्मिक आरंभ और समापन करते हैं और भगवान गणेश की आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
  3. कठिनाइयों में: जब हम किसी भी कठिनाई, चुनौती या बाधा का सामना कर रहे होते हैं, तो हम देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जप कर सकते हैं। इससे हमें उस कठिनाई को पार करने में सहायता मिलती है और हमारी मार्गदर्शन करते हैं भगवान गणेश के दिव्य स्वरूप।
  4. ध्यान में: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” का जप हम अपने ध्यान सत्रों में शामिल कर सकते हैं। इससे हमारे ध्यान को उनकी आध्यात्मिकता और सौन्दर्य के साथ संपूर्ण करते हैं और हमें शांति, स्थिरता और उच्चता की अनुभूति होती है।
  5. गणेश चतुर्थी पर: देवा हो देवा गणपति देवा गीत के शब्द” भगवान गणेश के उत्सव के दौरान विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। यह महत्वपूर्ण अवसर है जब हम भगवान गणेश के आदर्शों, आशीर्वाद और महत्त्व का आभास करते हैं और उनकी कृपा का आग्रह करते हैं।

अर्थ:

इस गाने के शब्दों का अर्थ होता है “देवा हो देवा गणपति देवा, मंगलमूर्ति मोरया। आप हमेशा हमारे साथ रहें और हमें सफलता, सुख और शांति प्रदान करें।” यह गीत भगवान गणेश की पूजा, स्तुति और आराधना का एक महत्वपूर्ण अंग है और उनकी कृपा, आशीर्वाद और दिव्यता का प्रतीक है। इस गाने के द्वारा हम अपने मन को उनकी आराधना में लगाते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने का अनुरोध करते हैं।

यह गीत भगवान गणेश के प्रतिष्ठान और प्रसन्नता का प्रतीक है और इसका जाप करने से हमें भगवान गणेश के साथ एक गहरा आध्यात्मिक संबंध स्थापित होता है। इस गीत का जाप करने से हम भगवान गणेश की आशीर्वाद, कृपा और मंगल प्राप्त कर सकते हैं।

Deva ho Deva Ganpati Deva lyrics

“Deva ho Deva Ganpati Deva lyrics” is a powerful and melodious chant that resonates with devotees of Lord Ganesha, the elephant-headed Hindu deity. This sacred chant holds deep meaning and significance, and its rhythmic recitation invokes the blessings and divine presence of Lord Ganesha in our lives.

Meaning:

The lyrics “Deva ho Deva Ganpati Deva” can be translated as “Oh Lord, Ganesha, the Divine”. Each word holds profound symbolism and reverence towards Lord Ganesha, who is known as the remover of obstacles and the provider of wisdom and prosperity. Chanting these lyrics with devotion and sincerity allows us to establish a spiritual connection with Lord Ganesha and seek his divine blessings.

Benefits:

  1. Obstacle Removal: The chant invokes Lord Ganesha’s intervention in our lives and helps in removing obstacles and challenges that hinder our progress. By chanting these lyrics, we can seek his divine assistance in overcoming difficulties and achieving success.
  2. Wisdom and Knowledge: Lord Ganesha is revered as the deity of wisdom, intellect, and learning. By reciting these lyrics, we open ourselves to receiving his blessings and guidance, thereby enhancing our intellectual capabilities and gaining profound insights.
  3. Positive Energy and Harmony: Chanting the lyrics creates a positive and harmonious environment. The vibrations generated by the chant purify the atmosphere, dispel negative energies, and bring peace and tranquility to the surroundings.
  4. Prosperity and Abundance: Lord Ganesha is also considered the harbinger of prosperity and wealth. By invoking his presence through the chant, we can attract abundance and good fortune into our lives, both materially and spiritually.
  5. Inner Strength and Confidence: The chant instills a sense of inner strength, courage, and confidence within us. It helps us overcome self-doubt, fear, and insecurities, empowering us to face life’s challenges with resilience and determination.

Why to say this?

  1. Devotion and Connection: Reciting these lyrics is a way to express devotion and establish a deep spiritual connection with Lord Ganesha. It serves as a reminder of his divine presence and allows us to surrender our worries and seek his divine guidance and blessings.
  2. Seeking Blessings: By chanting these lyrics, we invoke Lord Ganesha’s blessings and grace in our lives. We acknowledge his supreme authority and seek his assistance in overcoming obstacles, attaining success, and leading a fulfilling life.
  3. Cultivating Positivity: The chant helps in cultivating a positive mindset and outlook. It reminds us to focus on the divine qualities of Lord Ganesha, such as wisdom, kindness, and benevolence, which we can strive to embody in our own lives.
  4. Invoking Divine Intervention: Lord Ganesha is believed to be the protector and remover of obstacles. Chanting these lyrics acts as an invitation for his divine intervention in our lives, ensuring smoother paths and favorable outcomes.
  5. Spiritual Upliftment: Reciting the lyrics of “Deva ho Deva Ganpati Deva” elevates our spiritual consciousness and brings us closer to our inner self. It helps in developing a sense of devotion, humility, and gratitude, fostering overall spiritual growth.

When to say this?

  1. Festivals: Chanting “Deva ho Deva Ganpati Deva” is especially prevalent during festivals dedicated to Lord Ganesha, such as Ganesh Chaturthi. It is a time when devotees come together to celebrate the birth of Lord Ganesha and seek his blessings.
  2. Beginning of New Ventures: Before initiating any new endeavor, reciting these lyrics can help seek the blessings and guidance of Lord Ganesha for a successful and obstacle-free journey.
  3. Times of Difficulty: During challenging times or when facing obstacles, chanting these lyrics can provide solace and invoke Lord Ganesha’s support to overcome the hurdles.
  4. Daily Practice: Many devotees incorporate chanting “Deva ho Deva Ganpati Deva” as part of their daily spiritual practice. It can be recited in the morning or evening to start or conclude the day on a positive and devotional note.
  5. Personal Intentions: Whenever one feels the need for divine intervention, guidance, or protection, the chant can be recited with utmost faith and devotion to seek Lord Ganesha’s blessings.

Leave a Comment